तीर्थ सेवा न्यास भविष्य में सनातन संस्कृति और आध्यात्म का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा : बाबा हठयोगी
तीर्थ सेवा न्यास के बाबा हठयोगी और तीर्थाचार्य रामविलास दास ने 21 नवंबर को होने वाले विशाल कार्यक्रम की रूपरेखा को आज मीडिया के साथ प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि तीर्थ सेवा न्यास का निर्माण 100 एकड़ भूमि पर लगभग 1000 करोड रुपए की लागत से किया जाएगा, जो भविष्य में सनातन संस्कृति और अध्यात्म का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
आर्य नगर ज्वालापुर स्थित एक होटल में पत्रकारों से वार्ता करते हुए बाबा हाठयोगी ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में सनातन का दायरा लगातार सीमित होता जा रहा है। कई तरह की व्याधियां सामने है। ऐसे में सनातन की रक्षा संरक्षण और विश्वपटल पर इसके सशक्त प्रस्तुतिकरण के उद्देश्य से सनातन महापीठ की स्थापना की जा रही है। उन्होंने बताया कि 21 नवंबर को दिव्य और भव्य निर्माण की उद्घोषणा के एवं शिला पूजन समारोह आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम भूपतवाला रानी गली स्थित अमेरिकन आश्रम में संपन्न होगा, जहां देश के विभिन्न राज्यों के साथ देश-विदेश से आए संत, विद्वान शामिल होंगे। समारोह की तैयारी लगभग पूर्ण हो चुकी हैं। राम विशाल दास महाराज ने बताया कि इस विशाल परिसर में विश्व का पहला सनातन संसद भवन बनाया जाएगा, जहां सभी सनातनियों को सांसद के रूप में सम्मानित किया जाएगा। उनकी सहमति से धर्मा देश लागू किए जाएंगे।
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